Palanhar Yojana 2025: राज्य सरकारों द्वारा बच्चों और महिलाओ को उज्जवल और सुरक्षित भविष्य प्रदान करने के उद्देश्य से जनकल्याणकारी योजनाए चलाई जा रही है।देश में कई ऐसे मासूम बच्चे होते हैं जो अनाथ, पराश्रित या अभावग्रस्त स्थिति में अपना जीवन जी रहे होते हैं। ऐसे बच्चों की परवरिश और पढ़ाई लिखाई में अक्सर आर्थिक कठिनाई सामने आती है। इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए राजस्थान सरकार द्वारा पालनहार योजना शुरू की गई है।इस योजना के अंतर्गत ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता नहीं हैं या जो बच्चे विकलांग होने के कारण स्वयं का देख-भाल, भरण-पोषण नही कर सकते है उन्हें सरकार आर्थिक सहयता प्रदान करती है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें।
पालनहार योजना क्या है?
पालनहार योजना राजस्थान सरकार द्वारा शुरू की गई है। इस योजना को अनाथ और विकलांग बच्चों के सुरक्षित भविष्य प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस योजना के माध्यम से सरकार बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पालन पोषण के लिए आर्थिक मदद करती है।इसके अलावा अनाथ बच्चों को अनाथालय भेजने से बचाकर उन्हें समाज में ही रहकर अपना जीवन यापन करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
इसके अलावा बच्चों को निकटतम रिश्तेदारों या परिचित व्यक्तियों के साथ रहने का अवसर उपलब्ध करवाया जाता है जिससे वह सुरक्षित और पारिवारिक माहौल में रहकर सामाजिक रूप से स्वस्थ एवं विकसित हो सकते हैं।पालनहार योजना के अंतर्गत बच्चों को मासिक वित्तीय सहायता दी जाती है जिससे उनकी बुनियादी जरूरतें पूरी हो सकें।पालनहार योजना सिर्फ पैसों की मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य को भी ध्यान में रखकर बनाई गई है।
योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि
इस योजना के तहत बच्चों को निम्नलिखित आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है
- 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों को ₹1500 प्रति माह दिए जाते है।
- 6 से 18 वर्ष तक के बच्चों को ₹2500 प्रति माह प्रदान की जाती है।
- इसके अलावा सरकार द्वारा सभी श्रेणी के बच्चों को अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अतिरिक्त ₹2000 प्रति वर्ष भी प्रदान की जाती है।
पात्रता
इस योजना का लाभ केवल उन बच्चों को प्रदान किया जाएगा, को इस योजना की पात्रता को पूरा करते हो।
- आवेदक बच्चा राजस्थान का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- वे बच्चे जिनके माता-पिता का देहांत हो चुका है या जो पूरी तरह अनाथ हैं, उन्हें इस योजना में प्राथमिकता दी जाती है।
- जिन बच्चों के माता-पिता दिव्यांग हैं या केवल माता ही जीवित है, ऐसे बच्चों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।
- आवेदक बच्चे के परिवार की सालाना आय 1.5 लाख से कम होनी चाहिए।
- इस योजना का लाभ 18 वर्ष तक के बच्चों को दिया जाएगा।
- बच्चे का 2 वर्ष की उम्र में आंगनवाडी में पंजीकरण किया होना आवश्यक है और इसके बाद 6 वर्ष की उम्र में स्कूल में दाखिला होना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज
- बच्चे का आधार कार्ड
- बच्चे का मूल निवास प्रमाण पत्र
- माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र
- बैंक खाता पास बुक
- मोबाइल नंबर
- पास पोर्ट साइज्ड फोटो
आवेदन प्रक्रिया
आपको आवेदन करने के लिए सबसे पहले योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा। जहा से आपको आवेदन फॉर्म को डाउनलोड कर लेना चाहिए और उसके बाद उसकी प्रिंट निकलवा लेनी चाहिए।फॉर्म की प्रिंट निकलवाने के बाद में फॉर्म को सही से भर देना होगा और उसके बाद आवश्यक दस्तावेज को सलंग कर देना होगा। फॉर्म को भरने के बाद आपको फॉर्म को विभागीय जिला अधिकारी/ सम्बंधित अधिकारी / ईमित्र केंद्र में जाकर जमा कर दीजिए।
Read more: